Digital Marketing interview questions and answers for experienced hindi

डिजिटल मार्केटिंग के इंटरव्यू में पूछे जाने वाले सवाल और उनके जवाब

आज के समय में हर कोई एक अच्छी नौकरी हासिल करना चाहता है और इसके लिए अच्छी Profile भी बनानी बहुत जरूरी होता है क्योंकि इसी के आधार पर आपको अच्छी Jobs मिल पाती है. आज सबसे ज्यादा नौकरियां Digital Marketing में निकलती है और इसमें काफी लोग अपना करियर बनाना चाहते है. जी हाँ, इस Profile में आज बहुत जगह नौकरियां निकलती रहती है और साथ ही अच्छी Salary भी मिलती है. तो आज आप इस आर्टिकल में Digital Marketing में होने वाले Interview के बारे में जानेंगे कि यह क्या होता है और इसके Interview में क्या-क्या पूछा जाता है.

तो आइये, जानते है कि यह क्या होता है और इसके Interview में कैसे सवाल पूछे जाते है और उनके सवाल और जवाब.

Digital Marketing क्या है ?

Digital Marketing, जो कि Marketing का एक तरीका है जो की Digital Technology को उपयोग करके किया जाता है. इसमें अलग-अलग माध्यम से आप अपने प्रोडक्ट की Marketing कर सकते हैं जैसे कि सर्च एड्स, डिस्प्ले एड्स, मोबाइल फ़ोन इत्यादि.
Digital Marketing कोई भी कर सकता है जिसे Marketing और ऑनलाइन Marketing की नॉलेज हो. इसमें अलग-अलग तरह के प्रोफाइल्स होते हैं जैसे Digital मार्केटर, ऑनलाइन मार्केटर, सोशल मीडिया मार्केटर, कंटेंट मार्केटर, कॉपीराइटर, इत्यादि. और आप इनमें से कोई भी Profile पर Profile पर नौकरी कर सकते हैं.

Digital Marketing की पहुँच कहाँ तक है ?

Digital Marketing आज के समय में एक बहुत ही अच्छा और ग्रोइंग फील्ड है और आने वाले दिनों में इसकी जरुरत बढ़ती ही चली जाएगी.
Digital Marketing इंडस्ट्री इंडिया से लेकर पूरे विश्व में फैली हुई है. पिछले कुछ सालों में भारत में डिजिटलाइजेशन में काफी विकास हुआ है और इसिलए Digital फ़ील्ड्स से जुड़ी नौकरियों की भी मांग बढ़ रही है. एक सर्वे के अनुसार Digital Marketing की Jobs भारत में पिछले साल के मुकाबले में इस साल कई गुना बढ़ी है. आगे आने वाले समय में Digital इंडिया के साथ Digital Marketing का स्कोप और भी बढ़ेगा. और मुख्य रूप से कंपनियों और बिजनेस अपने प्रोडक्ट की Marketing के लिए Digital Marketing की हेल्प लेंगे.

कैसे बने एक सफल Digital मार्केटर ?

अब सवाल ये है कि क्या आप भी एक बेहतरीन Digital मार्केटर बनना चाहते हैं ? अगर हाँ, तो हम आपकी पूरी मदद करेंगे. Digital मार्केटर बनने के लिए सबसे पहले तो आपको एक अच्छा रिज्यूमे/सीवी बनाना होगा चाहे आप फ्रेशर हो या अनुभवी. यहाँ आप जान सकते हैं कि एक अच्छा रिज्यूमे/सीवी कैसे बनाया जाता है.

अगर आपका रिज्यूमे तैयार हो गया है तो अब अगला स्टेप है Digital Marketing के Interview की तैयारी. सामान्यतया एक Digital मार्केटर की Profile के लिए बेसिक लेवल से लेकर एडवांस्ड लेवल तक के सवाल पूछे जाते हैं. इस ब्लॉग में हमने विश्वशनीय रिसोर्स की मदद से बेसिक लेवल के सवालों से लेकर एडवांस्ड लेवल क सवालों और उनके जवाब को तैयार किये है. तो आईये जानते हैं कि Digital Marketing के Interview में क्या-क्या पूछा जाता है और इसकी तैयारी कैसे करते है.

सामान्य सवाल और उनके जवाब

प्र.1) गूगल सर्च क्या है ?
उत्तर.1) गूगल सर्च के 3 स्टेप होते है –

क्रॉलिंग और इंडेक्सिंग
क्रॉलिंग एक प्रोसेस है जिसमें क्रॉलर्स गूगल के सर्च इंडेक्स किसी भी वेबपेज या किसी भी उपलब्ध कंटेंट के इन्फॉर्मेशन को एनालाइज करता है.

सर्च एल्गोरिथम
सर्च एल्गोरिथम में गूगल रैंकिंग सिस्टम सैकड़ों वेब पेजों से उपयोगी परिणामों को कुछ ही मिनटों में ढूंढ कर निकाल लेटे है.

यूजफुल रिस्पोंस
आज की दुनिया में जहाँ इंटरनेट और कंटेंट में बहुत ज्यादा वरायटी मौजूद है लेकिन गूगल सर्च करके आप अच्छी और उपयोगी सामग्री ढूंढ सकते है.

प्र.2) सर्च इंजन क्या होता है ?
उत्तर.2) सर्च इंजन एक सिस्टम सॉफ्टवेयर है जिसे किसी भी स्पेसिफिक इन्फोर्मेशन के जरिया है. सबसे ज्यादा उपयोग किया जाने वाला सर्च इंजन तो गूगल ही है लेकिन कुछ और भी है जैसे
• डक-डक गो
• बिंग/याहू

प्र.3) Seo का Digital Marketing में क्या रोल है ?
उत्तर.3) Seo का पूरा नाम Search Engine Optimization और इसे हिंदी में खोज प्रणाली अनुकूलन कहते है जो कि सर्च इंजन के किसी भी ब्लॉग, कंटेंट, साईट या पेज की विजिबिली बढ़ाता है. दूसरी भाषा में कहा जाये तो Seo आपके पेज की रैंकिंग को सर्च इंजन के पहले पेज पर लाने की सबसे अच्छी स्ट्रेटजी है.

उदाहरण के लिए: आप किसी सर्टिफिकेशन प्रोग्राम के बारे में जानना चाहते हैं. आपने गूगल पर टाइप किया कीवर्ड्स जैसे सर्टिफिकेशन इन Digital Marketing, Digital Marketing कोर्स, Digital Marketing कोर्स और इंडिया में ट्रेनिंग प्रोग्राम्स. इन कीवर्ड्स को टाइप करते ही गूगल आपको पहले पेज पर कई सारे परिणाम दिखाएगा, जिनमें इन्हीं कीवर्ड्स से संबंधित कंटेंट होगा. और जिन कंटेंट में ये कीवर्ड्स नहीं होंगे वो गूगल आपको पहले पेज पर नहीं दिखायेगा.

प्र.4) वेबसाइट में कहाँ-कहाँ कीवर्ड्स का होना जरुरी है ताकि वो रैंकिंग ऑप्टिमाइज़ की जा सके?
उत्तर.4) एक अच्छी गूगल रैंकिंग के लिए यह कुछ एरिया है वेबसाईट के जहाँ कीवर्ड होने जरूरी है –
H1, H2 में कीवर्ड
पेज Url में कीवर्ड
Meta Tag में कीवर्ड
Website Title में कीवर्ड
Web Page Content में कीवर्ड
Image Alt Tags में कीवर्ड

प्र.5) गूगल एडवर्ड्स क्या है ?
उत्तर.5) एडवर्ड्स एक विज्ञापन सर्विस है उन कंपनियों या लोगों के लिए जो अपने प्रोडक्ट को गूगल पर दिखाना चाहते है. यह Ppc अर्थात Pay Per Click एडवर्टाइजिंग सिस्टम पर काम करती है.

प्र.6) Digital Marketing टर्म को समझाएं ?
उत्तर.6) Digital Marketing एक वो तरीका है जिससे ऑनलाइन चैनल्स के उपयोग से ब्रांड की Marketing की जाती है. इसमें कई सारे मेथड्स और टेक्निक्स होती हैं जैसे Seo, Sem, लिंक बिल्डिंग, ईमेल Marketing, Ppc इत्यादि

प्र.7) ऑनलाइन Marketing के क्या फायदे है ? ऑनलाइन Marketing ज्यादा क्यों पसंद किया जाता है ?
उत्तर.7) ऑनलाइन Marketing के ज्यादा पसंद करने के ये कुछ फायदे हैं -ऑनलाइन Marketing इसलिए पसंद किया जाता है क्यूंकि किसी भी इन्फोर्मेशन को आप ऑनलाइन आसानी से काफी लोगों तक पहुंचा सकते हैं. आप आसानी से अपने ग्राहकों तक अपने प्रोडक्ट की जानकारी पहुंचा सकते हैं और फीडबैक पा सकते हैं. इसके अलावा जब भी आप कोई Marketing कैंपेन करना चाहे उसमें तुरंत बदलाव भी कर सकते हैं. ऑनलाइन Marketing काफी कम पैसे में की जा सकती है. साथ ही आप काफी हद तक अपने ऑडियंस को टारगेट कर सकते हैं.

प्र.8) गूगल एडवर्ड्स कैसे काम करता है ?
उत्तर.8) गूगल एडवर्ड्स सामान्यत ऑक्शन सिस्टम की तरह काम करता है. आप एडवर्ड्स पर अपने खुद के एड्स चला सकते हैं और जैसे ही कोई आपके प्रोडक्ट से रिलेटेड कीवर्ड को सर्च करेगा तो गूगल आपके एड या कहें तो विज्ञापन को सर्च रिजल्ट पर सबसे टॉप पर दिखायेगा. इसके अलावा एडवर्ड्स Ppc (हर क्लिक पर पैसा) के आधार पर काम करता है यानि जैसे ही कोई उस एड पर क्लिक करेगा तो आपको गूगल को कुछ पैसे देने पड़ेंगे जो कि आपके गूगल अकाउंट से काट लिए जाते है.

प्र.9) वेब ट्रैफिक क्या होता है ?
उत्तर.9) वेबसाइट ट्रैफिक उसको कहा जाता है जो आपकी वेबसाईट पर आते है किसी कारण. वेब ट्रैफिक को जितने लोग देखते है उसके आधार पर मापा जाता है. जिसे हम सेशंस भी कहते है और यह एक कॉमन तरिका होता है किसी भी ऑनलाइन बिजनेस के बारे में जानने में.

प्र.10) किसी वेबसाईट पर ट्रैफिक को बेहतर करने में क्या करना चाहिए ?
उत्तर.10) किसी भी वेबसाईट के ट्रैफिक को बेहतर करने क लिए हमे रेफरिंग लिंक्स और Seo पर फोकस करना पड़ता. इससे हमारे विजिटर और बढ़ेंगे और वेबसाईट की औथेनटिटी बढ़ेगी. इसके अलावा यूजर रिटेंशन (यूजर को अपने साथ जोड़े रखना) भी एक काफी महत्वपूर्ण बात है.

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प्र.11) गूगल एडवर्ड्स री-Marketing क्या है ?
उत्तर.11) गूगल एडवर्ड्स री-Marketing एक लक्षित Marketing स्ट्रेटजी है. इस टूल के माध्यम से मार्केटर उन लोगों तक दुबारा पहुँच सकते है जिन्होंने एक बार हमारा वेबसाईट देखा हो. री Marketing से हम उन्हें दुबारा अपने विजिटर तक पहुंचकर उन्हें अपना कंटेंट या प्रोडक्ट दिखा सकते है. री Marketing का जब विजिटर हमारी वेबसाईट पर आये थे लेकिन वापस गए तो अब उनको हमें और ज्यादा जानकारी एड के माध्यम से देते है.

प्र.12) आप लेटेस्ट Digital Marketing ट्रेंड को कैसे पता करते है ?
उत्तर.12) सामान्यतः ब्लॉग या फिर वीडियो के माध्यम से आप Digital Marketing के रेग्युलर अपडेट पा सकते है. या फिर किसी मेंटर की मदद भी इसमें आप ले सकते है.

ख़ास टिप – Digital Marketing एक डायनामिक और इवॉल्विंग फील्ड है. इसलिए ये बहुत जरूरी है कि एक Digital मार्केटर होने के नाते आप ब्लॉग्स, पुस्तक या वेबसाईट की मदद से आने वाले ट्रेंड से अपडेटेड रहे. यहाँ हम कुछ रेफेर्रल्स बता रहे है जिनसे जुड़े रहकर आप अपने आपको Digital Marketing फील्ड में अपडेटेड रख सकते हैं और यही रेफेर्रल्स आप उत्तर में भी बता सकते हैं –
• Quick Sprout
• Moz
• Social Media Examiner
• Ahref Blog
• Search Engine Journal
• Adespresso
• Jon Loomer

प्र.13) Digital Marketing करने के क्या-क्या तरीके है ?
उत्तर.13) Digital Marketing करने के ये कुछ तरीके है –
सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (Seo)
सर्च इंजन Marketing (Sem)
कंटेंट Marketing
ई-कॉमर्स और
ईमेल Marketing

प्र.14) Digital Marketing में “कीवर्ड्स” क्या होता है ? Seo में इसकी क्या मुख्यता है ?
उत्तर.14) जब भी हमे कोई उपयोगी जानकारी ढूंढ़नी होती है वो उस जानकारी से रिलेटेड कीवर्ड ही होता है जिसे हम सर्च इंजन में डालते हैं. कीवर्ड्स Seo और अच्छे पेज रैंकिंग के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है. कीवर्ड्स की प्लेसमेंट पेज रैंकिंग में काफी महत्वपूर्ण होता है.

प्र.15) पीपीसी (PPC) क्या है ?
उत्तर.16) पीपीसी का पूरा नाम (Pay Per Click) होता है. अर्थात अगर हम हिंदी में बताएं तो इसे हम ऐसे कहेंगे कि अगर कोई एड पर क्लिक करेगा तो ही पैसा कटेगा अन्यथा नहीं. यह एक एडवर्टाइजिंग टेक्निक है जिससे हम वेबसाईट पर सीधे ट्रैफिक बढ़ा सकते है. इसे कॉस्ट पर क्लिक (Cost Per Click) भी कहा जाता है. एडवरटाजर अपनी वेबसाईट के एड पर क्लिक होते ही उनके अकाउंट से पैसे कट हो जाते है.

प्र.16) कुछ पीपीसी टूल्स के नाम बताइये ?
उत्तर.17) नीचे दिए कुछ पीपीसी टूल्स के नाम आप Interview में बता सकते है –
• Semrush
• Optimizely
• Unbounce
• Keyword Planner
• Adwords Wrapper

प्र.17) Seo और Sem में क्या अंतर है ?
उत्तर.18) Seo जिसका पूरा नाम (सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन) होता है. यह आपकी वेबसाईट, ब्लॉग की रैंकिंग और सर्च्ग इंजन रिजल्ट के पेजों पर आपकी वेबसाईट या ब्लॉग को ज्यादा दिखाते है.

Sem इसका पूरा नाम (सर्च इंजन Marketing) – जब हम किसी भी सर्च इंजन पर अपने प्रोडक्ट या बिजनेस की एड चलाते है, उसे ही हम सर्च इंजन Marketing कहते है.

18.) Seo के दो पिल्लर क्या है ?
उत्तर.20) कीवर्ड्स और लिंक बिल्डिंग Seo के दो बहुत महत्वपूर्ण पिल्लर होते है. कीवर्ड्स की मदद से Seo को इम्प्रूव किया जा सकता है और लिंक बिल्डिंग आपके पेज के ट्रैफिक और रैंकिंग में मदद करता है.

Digital Marketing में उपयोग किये जाने संक्षिप्त रूप
Digital Marketing में ऐसे कई टर्म्स उपयोग किये जाते हैं जो कि संक्षिप्त रूप होते है अर्थात बड़ी जानकारी को छोटे भाग में रखना और उनका मतलब समझना काफी जरुरी है. नीचे हमने कुछ महत्वपूर्ण संक्षिप्त दिए है और उनकी डेफिनिशन भी बताई जो कि अक्सर Interview में पूछे जाते है.

प्र.19) इन संक्षिप्त रूपों के पूरे नाम क्या होते है ?
उत्तर.21) A/B Testing – A/B Testing को स्पिल्ट टेस्ट भी कहा जाता है और इस प्रोसेस से हम एक ही ऑब्जेकटिव के लिए दो अलग-अलग प्रकार से कैंपेन चला सकते है और तय कर सकते है कि कौनसा कैंपेन बेहतर रहा.

B2b (Business-To-Business) – जब तक एक बिजनेस दूसरे बिजनेस को अपना प्रोडक्ट सेल कराता है उसे हम B2b कंपनी कहते है. उदाहरण के लिए Salesforce और Hubspot प्रमुख रूप से B2b कंपनियां है.

B2c (Business-To-Consumer) – यह टर्म उन कंपनियों के लिए उपयोग किया जाता है जो अपने प्रोडक्ट को सीधे कस्टमर को सेल करते है. उदाहरण के लिए Amazon और Starbucks B2c कंपनियां है.

Call-To-Action (Cta) – Call-To-Action अर्थात दबाने के लिए कहे जाने वाला एक टेक्स्ट लिंक, बटन, फोटो या वेब लिंक होता है जो कि एक विजिटर को लैंडिंग पेज तक लेकर जाता है. उदाहरण के लिए “Subscribe Now” या “Request A Quote Today” Call-To-Action है.

Cpc (Cost Per Click) – Cpc जिसको हिंदी में क्लिक पर पैसे कह सकते है. यह सर्च इंजन Marketing से जुड़ा है. और इसे हम पैड एडवरटाईजिंग भी कह सकते है. किसी भी ऑनलाइन पैड एड्स के लिए क्लिक आते ही वो पैसे काट लेते है. इसे ही हम कॉस्ट पर क्लिक कहते है.

Cpm (Cost Per Thousand) – Cpm खरीदने या बेचने का यूनीट माना जाता है. सीपीएम (Cpm) में एम को माइल्स कहा जाता है जिससे हर हजार इम्प्रेशन या व्यू के अनुसार काउंट किया जाता है. उदाहरण के लिए, अगर एक पब्लिशर आपके एड के लिए $2.00 Cpm चार्ज करता है तो इसका मतलब आप उस एडवरटाईजर को उस एड के लिए $2.00 हर 1,000 इम्प्रेशन के लिए पैसे देते है.

Ctr (Click-Through-Rate) – Ctr का पूरा नाम (Click Through Rate) होता है. Ctr एक ऐसा माध्यम है जो यह बताता है कि कितने प्रतिशत लोग आपकी वेबसाईट पर आये और फिर आगे गए. यह आपके एडवरटाइजिंग कैंपेन के सक्सेस का आइडिया बताता है.

Kpi (Key Performance Indicator) – Kpi का पूरा नाम Key Performance Indicator होता है और यह एक प्रदर्शन को मापने का तरिका है जो कि यह बताता है कि किसी भी प्रोडक्ट की परफॉर्मेंस कैसी चल रही है और बिजनेस ऑब्जेक्टिव को हासिल किया जा रहा है या. मार्केटर Kpi को अपने Marketing कैंपेन के सक्सेस को जानने का एक महत्वपूर्ण फैक्टर मानते है.

Roi (Return On Investment) – Roi को प्रतिशत में एक्सप्रेस किया जाता है और इससे किसी इन्वेस्टमेंट की कार्यक्षमता और लाभ का मूल्यांकन करने के लिए उपयोग किया जाता है.

Roi को कैलकुलेट करने का फ़ॉर्मूला है: (Gain From Investment – The Cost Of Investment) Divided By (Cost Of Investment).
अगर कोई नकारात्मक या नेगेटिव है तो यह कहा जा सकता है कि कंपनी इन्वेस्टमेंट को लाभ में नहीं बदल पा रही है.

Ux (User Experience) – उपभोगताओं का अनुभव ही User Experience है. यह बताता है कि आपकी वेबसाईट आपके यूजर के लिए कितनी सही है. यूजर से अच्छा सम्बंध, पर्चेस, प्रोडक्ट या सर्विस ये सारे फैक्टर यूजर एक्सपेरिएंस के लिए मैटर करता है. एक अच्छा मार्केटर बनने के लिए आपको अपने यूजर के लिए अच्छा वेबसाईट बनाना चाहिए या उसमें ऐसा रखना चाहिए कि आपका कस्टमर उससे प्रभावित हो जाए.

तो यह थे कुछ सामान्य Digital Marketing के Interview के सवाल और उनके जवाब. हमारी पूरी कोशिश रही है कि हम अपना बेस्ट और ज्यादातर पूछे जाने वाले सारे प्रश्न आप तक बताये है और आगे भी हम इस आर्टिकल को अपडेट करते है रहेंगे ताकि आप किसी Interview को आसानी से सफलता पा सके.

अगर आपको इस आर्टिकल में कुछ भी समझ नहीं आया हो तो आप हमें कमेंट करके बता सकते है. हम पूरी कोशिश करेंगे कि आपको जवाब देकर समस्या सुखाएं.

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